Tuesday, 4 August 2015

जानबूझकर नियमों को चुनौती नहीं दें सदस्य : लोकसभा अध्यक्ष

नयी दिल्ली। लोकसभा में पोस्टर दिखाने वाले वाईएसआर कांग्रेस सदस्यों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज कहा कि सांसदों को अपनी बात रखने और मंत्रियों से आश्वासन लेने का हक है लेकिन जानबूझकर नियमों को चुनौती देकर नहीं। लोकसभा में आज कार्यवाही शुरू होने पर वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा दिये जाने की मांग करते हुए पोस्टर लेकर आध्यक्ष के आसन के समीप आ गए जबकि टीआरएस सदस्य सत्तापक्ष की ओर प्रधानमंत्री की सीट के बगल में खड़े होकर तेलंगाना के लिए पृथक उच्च न्यायालय की मांग कर रहे थे।
वाईएसआर कांग्रेस तथा टीआरएस सदस्यों की मांग के बीच सदन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आंध्रप्रदेश के संबंध में कुछ विषय उठे हैं और निश्चित तौर पर सरकार उस पर ध्यान दे रही है। ‘‘आंध्रप्रदेश के साथ कोई अन्याय नहीं होने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ तेलंगाना के बारे में अभी हमारी विधि मंत्री से बात हुई है। विधि मंत्री इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रयत्नशील हैं। सरकार अपनी तरफ से प्रयत्नशील है। जहां तक संभव होगा सरकार इस बारे में बात करके समाधान निकालेगी।’’ वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य इसके बाद भी आसन के समीन नारेबाजी करते रहे और टीआरएस सदस्य सदन में सत्तापक्ष की ओर कतार बनाकर खड़े रहे।
इस पर अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ जब आप सांसद बनकर आते हैं तब आपको नियम पुस्तिका दी जाती है। यह नियम पुस्तिका एक व्यक्ति ने नहीं बनाई है। संसद की समिति ने इसे बनाया है। सदन सवाल उठाने के लिए है, मंत्री से आश्वासन लेने के लिए है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नियम आपके ही बनाये हुए है। आप जानबूझकर नियमों को चुनौती दे रहे हैं। आप अपनी बात रखें और मैं आपको प्रश्नकाल के बाद मौका दूंगी लेकिन नियमों को चुनौती देते हुए नहीं।’’

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