Saturday, 8 August 2015

‘राष्ट्रीय उजाला’ विशेषः फांसी के मसले पर मधेपुरा सांसद को याद आए गांधीजी

-आतंकियों को मिले सजा, न हो फांसी : सांसद
प्रियंका तिवारी
नई दिल्ली। वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी और फांसी पर चढ़ा दिए गए याकूब मेनन की फांसी के बाद देश में इस बात पर चर्चा होने लगी है कि फांसी पर और जल्दबाजी होनी चाहिए, आतंकियों के प्रति और क्रूर व्यवहार होना चाहिए या उन्हें सजा तक ही सीमित कर देना चाहिए। इसी बीच बिहार के मधेपुरा से सांसद और जन अधिकार पार्टी के सरंक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राष्ट्रीय उजाला से हुई खास बातचीत में कहा कि गांधीजी ने जेल को यातना गृह कहा था। श्री यादव ने कहा कि मानवीय दृष्टि से फांसी गलत है और देश की आवाम भी चाहती है कि फांसी न हो। यह पूछने पर कि क्या आतंकियों के प्रति फांसी को और क्रूर किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि किसी को सजा जरूर मिले, क्योंकि उसने अपराध किया है, लेकिन फांसी न हो। बता दें इसके पहले याकूब की फांसी के ठीक बाद पप्पू यादव ने कहा था एक महापुरुष (डॉ. कलाम) के अंतिम संस्कार के दिन आतंकी याकूब मेमन को फांसी नहीं देना चाहिए था। इसे एक दिन आगे बढ़ा देना चाहिए था। लेकिन अब पप्पू यादव ने एक आतंकी को मिली फांसी पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

No comments:

Post a Comment