Tuesday, 4 August 2015

राजन ने नीतिगत दर जस की तस बनाए रखी, बैंकों से कहा ब्याज दर कम करें

मुंबई। रिजर्व बैंक ने उंची महंगाई दर का हवाला देते हुए आज अपनी नीतिगत दर पहले के स्तर पर बनाए रखी। साथ ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बैंकों ने इस वर्ष नीतिगत दरों में की गयी कटौतियों का पूरा फायदा ग्राहकों तक अभी नहीं पहुंचाया है। आरबीआई ने 2015 में अपनी रेपो दर में अब तक तीन बार 0.25-0.25 प्रतिशत की तक की तीन बार कटौती की है। रेपो दर वह दर है जिस पर वह बैंकों को फौरी जरूरत के लिए उधार देता है। राजन ने कहा कि नीतिगत दर में जून में कमी पहले ही कर दी गयी। उन्होंने कहा कि इस समय मौद्रिक नीति में नरमी का रख बरकरार रखते हुए नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखना ही उचित है।
राजन ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा की घोषणा करते हुए यहां कहा कि आरबीआई यह देख रहा है कि बैंक पहले दी गयी ढील का फायदा और अधिक फायदा ग्राहकों तक कब पहुंचाते हैं। गवर्नर ने कहा कि नीतिगत दरों में और नरमी की गुंजाइश के लिए केंद्रीय बैंक उभरते अवसरों पर ध्यान रखेगा। आरबीआई की रपो दर 7.25 प्रतिशत पर बकरार है। इसी तरह रिजर्व बैंक के नियंत्रण में रखी जाने वाली बैंकों की नकदी या आरक्षित नकदी अनुपात :सीआरआर: चार प्रतिशत पर बना रहेगा।

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